📍बिलासपुर CG | 📅 03 जनवरी 2026
🚨 170 दिन बाद मिली राहत
छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को आखिरकार राहत मिल गई है।
हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही
👉 चैतन्य बघेल रायपुर सेंट्रल जेल से करीब 170 दिन बाद रिहा हो गए।
🎉 जेल के बाहर जश्न का माहौल
चैतन्य की रिहाई की खबर मिलते ही
🎺 जेल के बाहर ढोल-नगाड़े बजने लगे
🎊 कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुट गए
🌺 समर्थकों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया
रिहाई के बाद चैतन्य जब अपने घर के लिए निकले,
🚗 सड़कों पर भीड़ उमड़ पड़ी
🚦 जिससे कई जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
🗣️ चैतन्य बघेल का बयान
जेल से बाहर आने के बाद चैतन्य बघेल ने कहा—
न्यायालय का बहुत बहुत धन्यवाद। ,
आप सभी का भी शुक्रिया।
मामला कोर्ट में है तो इसमें कुछ बोलना उचित नहीं है।
यह मामला न्यायिक समीक्षा के अधीन है।
हमारे समर्थकों का भी धन्यवाद।
🗣️ भूपेश बघेल का बड़ा आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा—
⚠️ “यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
जिस तरह ED, IT और EOW का दुरुपयोग किया गया,
वह आज उजागर हो गया है।
केंद्र और राज्य सरकार की जांच एजेंसियों का
राजनीतिक उद्देश्य से इस्तेमाल किया गया।”
उन्होंने आरोप लगाया कि
👉 उनके बेटे की गिरफ्तारी एक साजिश के तहत की गई थी।
🎂 जन्मदिन और गिरफ्तारी का जिक्र
भूपेश बघेल ने कहा—
🎂 “ED ने चैतन्य के जन्मदिन पर गिरफ्तारी कर
खुशी में खलल डालने की कोशिश की थी।
आज उसी बेटे को जमानत मिली है।
यह दिन हमारे लिए बेहद खुशी का है।”
🕵️ ♂️ कब और क्यों हुई थी गिरफ्तारी
🔹 ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने
📅 जुलाई 2025 में
👉 मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत
चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था।
🔹 इसके बाद
📅 सितंबर 2025 में
👉 ACB/EOW ने भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में
उन्हें तब गिरफ्तार किया,
जब वे पहले से ही जेल में बंद थे।
📂 एजेंसियों के आरोप
जांच एजेंसियों का दावा है कि—
💰 यह शराब घोटाला
📆 2019 से 2022 के बीच हुआ
💸 जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा
👉 ED का आरोप है कि
चैतन्य बघेल इस पूरे शराब सिंडिकेट के संरक्षक थे
और
💵 करीब ₹1000 करोड़ का लेन-देन
व्यक्तिगत रूप से संभाला गया।
👉 वहीं ACB का दावा है कि
चैतन्य को
💰 ₹200 से ₹250 करोड़ तक का हिस्सा मिला
और
📊 इस पूरे घोटाले की राशि
₹3200 करोड़ से अधिक हो सकती है।
⚖️ बचाव पक्ष की दलील
चैतन्य बघेल के वकील फैजल रिजवी ने कहा—
🧾 “जबरन सबूत गढ़कर गिरफ्तारी की गई।
ED और EOW—दोनों मामलों में
चैतन्य बघेल की संलिप्तता का कोई ठोस प्रमाण नहीं है।
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद
जमानत दी है।”
🚗 पिता ने खुद चलाकर कार
रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर
🚘 पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
खुद कार चलाकर
अपने बेटे चैतन्य को रिसीव करने पहुंचे।
यह दृश्य समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
🎊 समर्थकों में खुशी
🎆 समर्थकों ने पटाखे फोड़े
💃 ढोल-नगाड़ों पर नाचते दिखे
📣 “चैतन्य बघेल जिंदाबाद” के नारे लगाए
भूपेश बघेल ने कहा—
🕊️ “सत्य परेशान हो सकता है,
लेकिन पराजित नहीं हो सकता।
🔔 सियासी हलकों में हलचल
चैतन्य बघेल की रिहाई के बाद
🔥 छत्तीसगढ़ की राजनीति में
नई बहस और हलचल तेज हो गई है।
एक तरफ कांग्रेस इसे
⚖️ सत्य और न्याय की जीत बता रही है,
तो दूसरी ओर
🕵️ जांच एजेंसियों के दावों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।