🏚️ 105 बोरा धान जब्त, बारदाना वितरण पर गंभीर सवाल
❓ जिम्मेदारी तय होगी या फाइलों में दब जाएगा मामला?
स्थान एवं तिथि
📍पटना धान खरीदी समिति- बैकुण्ठपुर / कोरिया जिला🔍 छापेमार कार्रवाई का पूरा मामला
कोरिया जिले की पटना धान खरीदी समिति में गुरुवार शाम लगभग 4 बजे जिला प्रशासन की टीम ने अचानक छापेमार कार्रवाई की।
इस दौरान समिति परिसर से 105 बोरा धान जब्त किया गया, जिससे पूरे जिले की धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
👉 यह कार्रवाई प्रशासन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई।
🧺 जब्त धान में चौंकाने वाला खुलासा
सबसे बड़ा और चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि
🔴 जब्त किए गए धान में वर्ष 2025-26 का अधिकृत सरकारी बारदाना इस्तेमाल किया गया था।
📌 नियमों के अनुसार:
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यह बारदाना केवल पंजीकृत किसानों को
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सीधे समिति के माध्यम से दिया जाना चाहिए
❓ लेकिन सवाल यह है कि
➡️ यह चालू वर्ष का बारदाना पहले राइस मिल तक कैसे पहुंचा?
➡️ फिर वही बारदाना कोचियों के जरिए किसानों तक कैसे पहुंच गया?
🤝 मिलर–कोचिया–कर्मचारी गठजोड़ की आशंका
पूरे मामले से यह आशंका और गहरी हो गई है कि
⚠️ राइस मिलर,
⚠️ कोचिया,
⚠️ और धान खरीदी समिति के कुछ कर्मचारी
आपस में मिलीभगत कर सरकारी व्यवस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं।
📢 यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि संगठित आर्थिक घोटाले की ओर इशारा करता है।
🏭 राइस मिल सील, 6000 क्विंटल धान गायब
उसी दिन जिला प्रशासन ने
🚫 पटना क्षेत्र के एक राइस मिल को सील किया,
जहां जांच के दौरान लगभग
❌ 6000 क्विंटल धान की भारी कमी पाई गई।
👉 इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य राइस मिलरों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।
🔄 धान की हेराफेरी का संभावित तरीका
सूत्रों के अनुसार आशंका जताई जा रही है कि:
🔁 पहले राइस मिलरों द्वारा
➡️ कोचियों को धान दिया गया
➡️ फिर वही धान
➡️ किसानों के नाम पर
➡️ धान खरीदी केंद्रों में लाया गया
📦 जब्त बारदाने पर 2025-26 अंकित होना इस पूरे खेल की गंभीरता को और बढ़ा देता है।
💸 सरकारी खजाने को भारी नुकसान की आशंका
यदि समय रहते इस पूरे मामले में
⚠️ सख्त कार्रवाई नहीं की गई
तो शासन को
💰 करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
📉 साथ ही किसानों का भरोसा भी पूरी तरह टूट सकता है।
🕵️♂️ जांच एजेंसियां सक्रिय
फिलहाल मामले की
🔎 गहन जांच की जा रही है—
👮 जिला प्रशासन
🍚 खाद्य विभाग
🏢 सहकारिता विभाग
👉 राइस मिलरों, समिति कर्मचारियों और कोचियों से
🗣️ पूछताछ शुरू कर दी गई है।
⚖️ प्रशासन का सख्त रुख
प्रशासन ने साफ कहा है कि
🚨 दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
✔️ लाइसेंस निरस्तीकरण
✔️ एफआईआर
✔️ आर्थिक वसूली
✔️ जेल तक की कार्रवाई संभव
❗ धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल
इस पूरी कार्रवाई के बाद एक बार फिर
❓ धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
👀 अब जिले भर की निगाहें
📑 जांच रिपोर्ट
और
⚖️ आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।