🔴 सरकारी विमान से कथा करने रायपुर पहुंचे पं. धीरेंद्र शास्त्री
TI ने जूते-टोपी उतारकर छुए पैर, मंत्री खुशवंत भी रहे साथ
कांग्रेस ने बताया खजाने की डकैती, BJP बोली – धर्म से कांग्रेस को एलर्जी
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार को एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने प्रशासनिक मर्यादा, सरकारी संसाधनों के उपयोग और धार्मिक आस्था—तीनों पर एक साथ बहस छेड़ दी है। मध्यप्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के कथावाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बाबा बागेश्वर के रायपुर आगमन के दौरान सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया।।
जानकारी के मुताबिक पं. धीरेंद्र शास्त्री छत्तीसगढ़ सरकार के शासकीय विमान से रायपुर पहुंचे। इस विमान में तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब भी उनके साथ मौजूद थे। बताया जा रहा है कि पहले यही विमान मंत्री को सतना लेकर गया, इसके बाद वहीं से बाबा बागेश्वर को लेकर रायपुर आया। सरकारी विमान से उतरते समय का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि— क्या एक निजी धार्मिक कार्यक्रम के लिए सरकारी विमान का उपयोग नियमों के अनुरूप है?।
रायपुर के स्टेट हैंगर (माना एयरपोर्ट क्षेत्र) से सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि माना थाना प्रभारी (TI) मनीष तिवारी— पहले अपने जूते उतारते हैं फिर कैप (टोपी) निकालते हैं और इसके बाद पं. धीरेंद्र शास्त्री के पैर छूते हैं यह पूरा दृश्य कैमरे में कैद हो गया और कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही जनता दो हिस्सों में बंट गई— एक वर्ग ने इसे व्यक्तिगत श्रद्धा बताया दूसरा वर्ग इसे पुलिस की गरिमा और सेवा नियमों के खिलाफ बता रहा है।
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि— क्या वर्दीधारी पुलिस अधिकारी को सार्वजनिक ड्यूटी के दौरान इस तरह आचरण करना चाहिए? क्या यह पुलिस सेवा नियमों का उल्लंघन नहीं है? क्या इससे पुलिस की निष्पक्षता और तटस्थता पर सवाल नहीं उठते? कई लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की मांग भी की।
इस पूरे मामले पर रायपुर के SSP डॉ. लाल उम्मेद सिंह का बयान सामने आया। SSP ने स्पष्ट किया कि— पुलिसकर्मी पूरी वर्दी में नहीं था उसने जूते और टोपी पहले ही उतार दिए थे प्रारंभिक जांच में सेवा नियमों के उल्लंघन के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले 👉 फिलहाल संबंधित पुलिसकर्मी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।।
दरअसल पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भिलाई के जयंती स्टेडियम में आयोजित हनुमंत कथा में शामिल होने रायपुर पहुंचे थे। 📅 कथा की तिथि: 25 दिसंबर से 29 दिसंबर 📍 स्थान: जयंती स्टेडियम, भिलाई हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ प्रतिदिन कथा में शामिल हो रही है रायपुर पहुंचने के बाद वे सीधे भिलाई रवाना हुए।।
सरकारी विमान के उपयोग को लेकर विवाद और गहरा गया। सोशल मीडिया पर लोग सवाल पूछ रहे हैं कि— “पं. धीरेंद्र शास्त्री न तो किसी संवैधानिक पद पर हैं और न ही सरकारी अधिकारी, फिर सरकारी विमान क्यों?” इसे लेकर सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया जा रहा है|
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा— कथावाचक को लाने के लिए सरकारी विमान भेजना राज्य के खजाने का दुरुपयोग है यह जनता के पैसे की डकैती के समान है धीरेंद्र शास्त्री न तो संवैधानिक पदाधिकारी हैं, न ही किसी मान्यता प्राप्त पीठ के पीठाधीश्वर कांग्रेस ने यह भी कहा कि— “वे कथावाचक हो सकते हैं, लेकिन उन्हें धर्माचार्य बताकर सरकारी सुविधा देना गलत है।”।
कांग्रेस के आरोपों पर BJP प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा— कांग्रेस को हिंदू धर्म प्रचारकों से हमेशा समस्या रही है कांग्रेस खुद को धर्म गुरुओं को प्रमाण पत्र देने वाला समझने लगी है BJP धर्म और आस्था का सम्मान करती है उन्होंने कहा कि— “कांग्रेस धर्मांतरण करने वालों के साथ खड़ी दिखती है, जबकि भाजपा सनातन संस्कृति के साथ।”।
विवादों के बीच जानकारी सामने आई है कि— कथा के दूसरे दिन के कार्यक्रम के बाद पं. धीरेंद्र शास्त्री मुंबई के लिए रवाना हो गए सूत्रों के अनुसार— 👉 वे शनिवार को कथा शुरू होने से पहले फिर भिलाई लौट सकते हैं।