❗ सवालों के घेरे में महिला बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली
📍कोरिया, 26 जनवरी 2026 | Har Sach News🇮🇳 राष्ट्रीय पर्व पर गंभीर लापरवाही
🔹 जिले के ग्राम पंचायत भांडी अंतर्गत साहू पारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा झंडा नहीं फहराया गया।
🔹 राष्ट्रीय पर्व जैसे पावन अवसर पर यह लापरवाही संवेदनहीनता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाती है।
🔹 इस घटना से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी और निराशा देखी गई।
👧🧒 बच्चों का उत्साह, इंतजार और मायूसी
🔹 स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार सुबह लगभग 7:30 बजे से ही बच्चे और ग्रामीण झंडारोहण के लिए आंगनबाड़ी केंद्र में एकत्रित हो गए थे।
🔹 बच्चे पूरे उत्साह और देशभक्ति के भाव के साथ तिरंगा फहराने पहुंचे थे।
🔹 लेकिन 11:30 बजे तक भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र नहीं पहुंची।
🔹 लंबे इंतजार के बाद बच्चे मायूस होकर घर लौट गए, जो बेहद दुखद दृश्य था।
🚫 पहले भी हो चुकी हैं दर्जनों शिकायतें
🔹 ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक दिन की लापरवाही नहीं है।
🔹 संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ पहले भी दर्जनों शिकायतें की जा चुकी हैं।
🔹 इसके बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे कार्यकर्ता के हौसले बुलंद हैं।
🍚⏰ आंगनबाड़ी व्यवस्था पर गंभीर आरोप
🔹 ग्रामवासियों का आरोप है कि:
▪️ आंगनबाड़ी केंद्र समय पर नहीं खुलता
▪️ बच्चों को नियमित पोषण आहार नहीं मिलता
▪️ कार्यकर्ता की लगातार अनुपस्थिति बनी रहती है
🔹 इन समस्याओं की जानकारी विभाग को होने के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
🏛️ देश के सम्मान से जुड़ा विषय
🔹 गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर तिरंगा न फहराया जाना सीधे-सीधे देश के सम्मान से जुड़ा मामला है।
🔹 अन्य जिलों में यदि किसी शासकीय या अर्धशासकीय संस्था में झंडारोहण नहीं होता, तो तत्काल कार्रवाई की जाती है।
❓ प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
🔹 अब बड़ा सवाल यह है कि:
▪️ क्या कोरिया जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा?
▪️ क्या महिला बाल विकास विभाग जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेगा?
🔹 या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?
⚠️ सबसे चिंताजनक पहलू
🔹 महिला बाल विकास मंत्री का मायका कोरिया जिले में है।
🔹 वर्तमान में उनका निवास पड़ोसी जिला सूरजपुर में है।
🔹 जब मंत्री से जुड़े जिले में ही महिला एवं बाल विकास संस्थाओं की यह स्थिति है, तो दूरस्थ जिलों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
🔹 यह स्थिति विभाग की निगरानी व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
🔍 अब निगाहें प्रशासन पर
🔹 अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े मामले को कितनी गंभीरता से लेता है।
🔹 क्या साहू पारा आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता के विरुद्ध कार्रवाई होगी,
🔹 या फिर यह मामला भी केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित रह जाएगा।
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