🐘 देवगढ़ रेंज में हाथियों की मौजूदगी
📍 कोरिया | 📅 10 जनवरी 2026
कोरिया वन मंडल के अंतर्गत आने वाले देवगढ़ रेंज क्षेत्र में इन दिनों हाथियों के एक दल का लगातार विचरण देखा जा रहा है। जंगल से सटे गांवों और आसपास के इलाकों में हाथियों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय ग्रामीणों में सतर्कता का माहौल है। वन विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आम नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है।
🌲 जंगल से गांव की ओर बढ़ा हाथी दल
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह दल देवगढ़ रेंज के घने वन क्षेत्र में सक्रिय है और भोजन व पानी की तलाश में जंगल की सीमा से लगे इलाकों की ओर आ-जा रहा है।
➡️ हाथियों की यह प्राकृतिक गतिविधि मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका को बढ़ा सकती है, जिसे देखते हुए विभाग द्वारा सतत निगरानी की जा रही है।
🚨 वन विभाग की सतर्कता और निगरानी
वन विभाग की टीम द्वारा—
👀 लगातार पेट्रोलिंग
📡 हाथी दल की लोकेशन ट्रैकिंग
🚓 रात्रि गश्त में बढ़ोतरी
की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
🏘️ ग्रामीणों के लिए जारी दिशा-निर्देश
वन विभाग ने आसपास के गांवों के लोगों से निम्न सावधानियां बरतने की अपील की है 👇
⚠️ रात के समय अकेले जंगल या खेत की ओर न जाएं
⚠️ हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें उकसाने की कोशिश न करें
⚠️ झुंड दिखाई देने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर रहें
⚠️ वन विभाग या ग्राम कोटवार को तत्काल सूचना दें
🔔 मुनादी और जागरूकता अभियान
📢 ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए—
🔊 मुनादी कराई जा रही है
📱 मोबाइल के माध्यम से सूचना दी जा रही है
🤝 स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद ली जा रही है
➡️ ताकि सभी लोग समय रहते सतर्क हो सकें।
🌾 फसलों और संपत्ति की सुरक्षा पर फोकस
हाथियों के विचरण से फसलों को नुकसान की संभावना को देखते हुए वन विभाग द्वारा खेतों की निगरानी बढ़ाई गई है।
👉 जरूरत पड़ने पर हाथी दल को सुरक्षित दिशा में जंगल की ओर वापस मोड़ने की रणनीति भी अपनाई जा रही है।
🧑🌾 मानव–हाथी संघर्ष रोकना प्राथमिकता
वन विभाग का स्पष्ट कहना है कि—
🟢 हाथी संरक्षित वन्यजीव हैं
🟢 मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है
➡️ दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क और तैयार है।
🐾 प्राकृतिक आवास में ही सुरक्षित रहें हाथी
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में भोजन और पानी की कमी के कारण हाथी आबादी की ओर बढ़ते हैं।
➡️ ऐसे में सामूहिक सतर्कता और समन्वय ही दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।
📊 योजनाओं से हजारों महिलाओं को मिला लाभ
डॉ. प्रशांत सिंह ने बताया कि विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और अभियानों के माध्यम से अब तक हजारों महिलाओं को लाभ पहुंचाया गया है। समय रहते
⚠️ उच्च जोखिम गर्भावस्था
की पहचान होने से कई जिंदगियों को सुरक्षित किया जा सका है।
❤️ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर घटाने के प्रयास
स्वास्थ्य विभाग द्वारा
👶 शिशु मृत्यु दर
🤱 मातृ मृत्यु दर
को और कम करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नियमित जांच, समय पर रेफरल और बेहतर निगरानी से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
📢 जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मातृत्व स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। भविष्य में भी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत, सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए लगातार कार्य किया जाएगा।