📰 ई-कोर्ट के नाम पर बढ़ी परेशानी: सोनहत तहसील में नामांतरण व बटवारा मामलों में आवेदक हलाकान
📍 कोरिया | 🗓️ 08 जनवरी 2026
सोनहत तहसील में नामांतरण, फौती एवं बटवारा जैसे सामान्य राजस्व मामलों को लगातार ई-कोर्ट में लगाए जाने से आम आवेदकों की परेशानियां तेजी से बढ़ती जा रही हैं। खासतौर पर रामगढ़ क्षेत्र से आने वाले ग्रामीणों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
🏢 तहसील स्तर पर नहीं हो रहा त्वरित निराकरण
ग्रामीणों का कहना है कि पहले नामांतरण, फौती और बटवारा जैसे मामलों का निराकरण तहसील स्तर पर ही अपेक्षाकृत सरल प्रक्रिया के तहत हो जाया करता था, लेकिन अब इन्हें ई-कोर्ट में डालने के कारण प्रक्रिया लंबी और जटिल हो गई है।
⏳ समय और पैसे दोनों की बर्बादी
ई-कोर्ट प्रक्रिया के चलते दूरदराज से तहसील पहुंचने वाले आवेदकों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे न केवल उनका समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि यात्रा, दस्तावेज और अन्य खर्चों के कारण आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
💻 डिजिटल जानकारी की कमी बनी बड़ी बाधा
ग्रामीणों ने बताया कि ई-कोर्ट और ऑनलाइन प्रक्रियाओं की जानकारी सभी आवेदकों को नहीं है। कई लोग आज भी डिजिटल सिस्टम से अनभिज्ञ हैं, जिसके चलते उन्हें वकीलों या बिचौलियों पर निर्भर होना पड़ता है।
🚶♂️ तहसील और कोर्ट के चक्कर लगाने को मजबूर
रामगढ़ क्षेत्र के आवेदकों का कहना है कि एक ही मामले में उन्हें कई बार तहसील और न्यायालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, फिर भी समाधान नहीं मिल पा रहा है।
📢 स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की मांग
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि नामांतरण, फौती एवं बटवारा जैसे मामलों का निराकरण यदि प्राथमिकता के साथ तहसील स्तर पर ही किया जाए, तो आम जनता को बड़ी राहत मिल सकती है।
📝 उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की अपेक्षा
इस पूरे मामले में प्रशासन के उच्च अधिकारियों द्वारा स्थिति का संज्ञान लेकर समीक्षा किए जाने की आवश्यकता बताई जा रही है। आवेदकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है।
📊 ई-कोर्ट मामलों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी
सूत्रों के अनुसार सोनहत तहसील में ई-कोर्ट में भेजे जा रहे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। माना जा रहा है कि इस विषय पर जल्द ही प्रशासनिक स्तर पर कोई निर्णय लिया जा सकता है।