स्थान एवं तिथि
📍 कोरिया | 🗓️ 17 जनवरी 2026🏛️ प्रशासनिक अनुशासन पर बड़ा सवाल
कोरिया जिले के पोड़ी-बचरा तहसील क्षेत्र से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ प्रशासन द्वारा जप्त किया गया धान रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
🌾 105 बोरी धान हुआ था जप्त
प्राप्त जानकारी के अनुसार,
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04 दिसंबर 2025 को
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ग्राम बचरा निवासी राकेश कुमार चक्रधारी की दुकान के बगल में स्थित गोदाम से
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कुल 105 बोरी धान को प्रशासन द्वारा नियमों के उल्लंघन के चलते जप्त किया गया था।
📝 सुपुर्दगी में दिया गया था धान
जप्त किए गए धान को नियमानुसार
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गीता प्रजापति
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(पति – राकेश कुमार चक्रधारी)
को सुरक्षित रखने की सुपुर्दगी में सौंपा गया था।
👉 सुपुर्दगी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद धान गोदाम में रखा गया था।
🔍 औचक निरीक्षण में खुला राज
📆 09 जनवरी 2026 को
प्रशासन द्वारा अचानक भौतिक सत्यापन (औचक निरीक्षण) किया गया।
❗ निरीक्षण के दौरान जब गोदाम की जांच की गई तो
➡️ जप्त किया गया धान मौके पर मौजूद नहीं मिला।
📞 सुपुर्दगी प्राप्तकर्ता ने नहीं किया सहयोग
धान गायब होने के बाद प्रशासन ने
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सुपुर्दगी प्राप्तकर्ता से संपर्क करने का प्रयास किया
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लेकिन संबंधित व्यक्ति ने बात करने से साफ इंकार कर दिया।
यह रवैया मामले को और भी संदिग्ध बना गया।
📑 मौके पर बनाया गया पंचनामा
धान नहीं मिलने की स्थिति में
🖊️ प्रशासनिक टीम द्वारा
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मौके पर पंचनामा तैयार किया गया
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पूरे घटनाक्रम को दस्तावेजों में दर्ज किया गया।
🚨 नायब तहसीलदार का सख्त रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए
👮♂️ नायब तहसीलदार पोड़ी (बचरा) ने
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चौकी प्रभारी पोड़ी (बचरा) को
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गोदाम मालिक एवं
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धान की सुपुर्दगी प्राप्तकर्ता के विरुद्ध
⚖️ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने
के निर्देश देते हुए पत्र प्रेषित किया है।
⚖️ कानूनी कार्रवाई के संकेत
👉 इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि
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प्रशासन मामले को हल्के में नहीं ले रहा
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दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की तैयारी है
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जांच के बाद और भी नाम सामने आ सकते हैं।
❓ कई सवाल अब भी बाकी🤔
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जप्त धान आखिर गया कहाँ?
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किसकी मिलीभगत से हुआ गायब?
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क्या यह लापरवाही है या सुनियोजित गड़बड़ी?
इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है।