🔴 बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर फूटा बॉलीवुड का गुस्सा
बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की नृशंस हत्या के मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश पैदा कर दिया है। इस घटना पर बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे सीधे तौर पर नरसंहार करार दिया है।
25 दिसंबर को जाह्नवी कपूर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक नोट साझा किया।
उन्होंने लिखा कि बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है, वह बर्बरता की सभी सीमाओं को पार करता है और यह कोई एकल घटना नहीं है।
जाह्नवी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को इस अमानवीय सार्वजनिक लिंचिंग के बारे में जानकारी नहीं है, तो उन्हें सच जानना चाहिए, सवाल पूछने चाहिए और चुप्पी नहीं साधनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसी घटनाएं देखकर भी किसी के भीतर गुस्सा नहीं पैदा होता, तो यही पाखंड आने वाले समय में इंसानियत को खत्म कर देगा।
🎬 फिल्ममेकर अशोक पंडित ने जताया समर्थन
फिल्ममेकर अशोक पंडित ने जाह्नवी कपूर के इस साहसी कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में, जब चुप रहना आसान होता है, जाह्नवी ने सच के पक्ष में खड़े होने का रास्ता चुना।
अशोक पंडित के अनुसार, जाह्नवी को यह पूरी तरह पता था कि इस बयान के बाद उन्हें ट्रोलिंग और नफरत का सामना करना पड़ेगा, फिर भी उन्होंने मानवता के पक्ष में आवाज उठाई।
उन्होंने कहा कि जब भारत विरोधी मानसिकता रखने वाले लोग किसी को निशाना बनाते हैं, तो यह साफ संकेत होता है कि वह व्यक्ति सही दिशा में खड़ा है।
🎭 अन्य सेलेब्स ने भी जताया आक्रोश
इस दिल दहला देने वाली घटना पर कई अन्य बॉलीवुड हस्तियों ने भी प्रतिक्रिया दी। पूर्व सांसद और अभिनेत्री जया प्रदा ने वीडियो संदेश के जरिए इस हत्या को अमानवीय बताया और इस पर हो रही चुप्पी पर सवाल उठाए।
अभिनेता मनोज जोशी ने कहा कि जब दुनिया के अन्य हिस्सों में हिंसा होती है, तो लोग तुरंत आवाज उठाते हैं, लेकिन जब बांग्लादेश में किसी हिंदू की हत्या होती है, तो खामोशी छा जाती है।
सिंगर टोनी कक्कड़ ने अपने नए गाने में इस लिंचिंग का जिक्र करते हुए धार्मिक नफरत छोड़ने की अपील की है।
वहीं एक्ट्रेस काजल अग्रवाल ने भी सोशल मीडिया पर “ऑल आईज ऑन बांग्लादेश हिंदू” संदेश साझा कर अपना विरोध दर्ज कराया।
⚠️ कैसे हुई दीपू चंद्र दास की हत्या
जानकारी के अनुसार, 18 दिसंबर को ढाका के पास मेमनसिंह जिले में एक टेक्सटाइल फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू चंद्र दास पर ईशनिंदा का झूठा आरोप लगाया गया।
अफवाह फैलते ही फैक्ट्री के बाहर भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने दीपू को जबरन बाहर खींचा, बेरहमी से पीटा और कपड़े फाड़ दिए।
जब उनकी मौत हो गई, तो भीड़ ने शव को रस्सी से पेड़ पर लटकाया और फिर आग के हवाले कर दिया।
यह घटना न केवल मानवता पर, बल्कि धार्मिक सहिष्णुता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।