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अरावली केस; सुप्रीम कोर्ट का अपने ऑर्डर पर स्टे:पहले 100 मीटर से छोटी पहाड़ियों पर खनन को मंजूरी दी थी, अब रोक लगाई

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🏔️ अरावली पर्वतमाला मामला: सुप्रीम कोर्ट ने खनन पर लगाई अस्थायी रोक

🔴 अरावली विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला।

📍 जयपुर | ✍️ रिपोर्ट: Har Sach News
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अरावली पर्वतमाला को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही पूर्व आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी है। 20 नवंबर को जारी आदेश में 100 मीटर से कम ऊंची पहाड़ियों पर खनन की अनुमति दी गई थी, लेकिन अब अदालत ने 21 जनवरी 2026 तक सभी प्रकार के खनन पर रोक लगा दी है।

⚖️  वेकेशन बेंच में हुई सुनवाई

सोमवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह की वेकेशन बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि विशेषज्ञ समिति की सिफारिशें और उन पर की गई टिप्पणियां फिलहाल स्थगित रहेंगी।।

🧑‍🔬  विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि: 🔹 एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति बनाई जाए 🔹 यह समिति मौजूदा रिपोर्ट का निष्पक्ष और स्वतंत्र मूल्यांकन करेगी 🔹 इसके बाद अदालत को स्पष्ट सुझाव देगी

📩  केंद्र और चार राज्यों को नोटिस

अदालत ने इस मामले में: 🇮🇳 केंद्र सरकार 📍 राजस्थान 📍 हरियाणा 📍 गुजरात 📍 दिल्ली को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

📌  ❗ 100 मीटर परिभाषा पर रोक

विशेषज्ञ समिति की उस सिफारिश पर भी रोक लगा दी गई है, जिसमें कहा गया था कि केवल 100 मीटर या उससे अधिक ऊंची पहाड़ियां ही अरावली पर्वतमाला मानी जाएंगी। अगली सुनवाई तक यह परिभाषा लागू नहीं होगी।

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🗣️  सॉलिसिटर जनरल का बयान
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सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि: इस पूरे मामले में अदालत के आदेशों, सरकार की भूमिका और प्रक्रिया को लेकर कई गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। इन्हें दूर करने के लिए ही विशेषज्ञ समिति बनाई गई थी।

⚠️ अदालत की टिप्पणियों को लेकर भ्रम

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि:

  • अदालत की टिप्पणियों को गलत अर्थों में लिया जा रहा है

  • स्थिति स्पष्ट करने के लिए स्पष्टीकरण की आवश्यकता पड़ सकती है


🌍 अरावली का पर्यावरणीय महत्व

  • अरावली पर्वतमाला का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान से होकर गुजरता है

  • यह श्रृंखला दिल्ली से गुजरात तक फैली हुई है

  • पर्यावरण संतुलन और मानसून के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है


🏛️ अशोक गहलोत की प्रतिक्रिया

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा:

सुप्रीम कोर्ट के स्थगन आदेश का हम स्वागत करते हैं।
चारों राज्यों की जनता इस मुद्दे पर आंदोलित है, फिर भी सरकार इसे समझने में असफल क्यों है?


🌱 कांग्रेस की मांग

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि:

  • इस मामले का विस्तृत अध्ययन आवश्यक है

  • वन एवं पर्यावरण मंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग की


📄 आर.पी. बलवान की याचिका

हरियाणा वन विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी आर.पी. बलवान ने:

  • सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की

  • केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी

  • मामले की सुनवाई शीतकालीन अवकाश के बाद होगी


⛏️ केंद्र सरकार की कार्रवाई

विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने:

  • ❌ अरावली क्षेत्र में नए खनन पट्टों पर पूर्ण प्रतिबंध

  • ❌ किसी भी नई खनन लीज जारी नहीं करने के निर्देश दिए


🛑 आदेश का उद्देश्य

केंद्र सरकार के अनुसार इस आदेश का उद्देश्य:

  • अरावली की भूवैज्ञानिक निरंतरता की रक्षा

  • अवैध खनन गतिविधियों पर रोक

  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को पर्यावरणीय खतरे से बचाना

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